
कोरिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बहुप्रतीक्षित कोरिया दौरा संपन्न तो हुआ, लेकिन यह अपने पीछे जन-असंतोष और सवालों की लंबी फेहरिस्त छोड़ गया है। जहाँ सत्ता पक्ष इसे विकास की नई इबारत मान रहा है, वहीं कोरिया जन सहयोग समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र राजवाड़े ने इस दौरे को जिले की जनता के साथ एक ‘बड़ा छलावा’ करार दिया है।
मुख्यमंत्री के प्रस्थान के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुष्पेंद्र राजवाड़े ने कहा कि कोरिया की जनता जिस ऐतिहासिक मोड़ की प्रतीक्षा कर रही थी, वह क्षण केवल आश्वासन की भेंट चढ़ गया। उन्होंने कहा कि दौरे से पहले यह व्यापक उम्मीद जगाई गई थी कि मुख्यमंत्री कोरिया को संभाग का दर्जा देकर जिले के गौरव को पुनर्स्थापित करेंगे, किंतु इस पर छाई चुप्पी ने जनमानस को झकझोर कर रख दिया है।
राजवाड़े ने मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर सरकार को घेरा:
*शिक्षा और स्वास्थ्य की उपेक्षा:* मेडिकल कॉलेज और लॉ कॉलेज जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों की घोषणा न होना जिले के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
*सोनहत की अनदेखी:* वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए किसी विशेष आर्थिक पैकेज या ठोस कार्ययोजना का अभाव दिखा।
*अटके हुए कार्य:* पूर्ववर्ती सरकार के समय स्वीकृत सड़क व विद्युतीकरण के विकास कार्य, जो बजट के अभाव में ठप पड़े हैं, उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए कोई ठोस वित्तीय ढांचा पेश नहीं किया गया।
*बाई पास से नहीं, दूरदृष्टि से होगा विकास*
पुष्पेंद्र राजवाड़े ने दोटूक शब्दों में कहा कि सरकार को यह समझने की आवश्यकता है कि कोरिया केवल सड़कों के पैचवर्क या चौड़ीकरण के साथ साथ बाई पास से समृद्ध नहीं होगा कोरिया की भौगोलिक विषमता और यहाँ की सामाजिक संरचना को देखते हुए हमें बड़े संस्थानों और प्रशासनिक शक्ति (संभाग) की आवश्यकता है। जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है क्योंकि उनकी बुनियादी जरूरतें आज भी सरकारी फाइलों में कैद हैं।”
*जनता की अदालत में जवाबदेही तय हो*
पुष्पेंद्र राजवाड़े ने स्पष्ट किया कि घोषणाओं के ‘पिटारे’ से जनता का पेट नहीं भरता। मेडिकल कॉलेज और संभाग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर धरातल पर काम शुरू होने अति आवश्यक हैं।











